पुणे (महाराष्ट्र) के वैज्ञानिक डॉ. हिमांशु कुलकर्णी अंतर्राष्ट्रीय जल पुरस्कार जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं. आपको बता दें कि द्विवार्षिक ‘अंतर्राष्ट्रीय जल पुरस्कार’ वर्ष 2009 में शुरू किया गया था. यह पुरस्कार संयुक्त राज्य अमेरिका के ओक्लाहोमा विश्वविद्यालय के ‘वाटर सेंटर’ द्वारा प्रायोजित किया जाता है। यह दुनिया के उभरते क्षेत्रों में जल आपूर्ति और स्वच्छता के क्षेत्र को समर्पित है।
डॉ कुलकर्णी को यह पुरस्कार 2024 में दिए जाने की घोषणा की गई थी, लेकिन यह पुरस्कार 15 सितंबर को आयोजित एक समारोह में उन्हें प्रदान किया गया। इसमें एक ट्रॉफी और 25,000 अमेरिकी डॉलर का नकद पुरस्कार दिया गया है.
कुलकर्णी नीति आयोग की 12वीं पंचवर्षीय योजना के कार्यकारी समूह के सह-अध्यक्ष रह चुके है तथा ACWADAM (जल संसाधन विकास एवं प्रबंधन उन्नत केंद्र), पुणे के संस्थापक ट्रस्टी और सचिव हैं.
प्रतियोगिता परीक्षा के लिए विशेष:
- अंतर्राष्ट्रीय जल पुरस्कार की शुरुआत : 2009
- दुनिया के उभरते क्षेत्रों में जल आपूर्ति और स्वच्छता के क्षेत्र को समर्पित
- पुरस्कार की राशि : 25,000 अमेरिकी डॉलर का नकद पुरस्कार
FAQ
अंतर्राष्ट्रीय जल पुरस्कार जीतने वाले पहले भारतीय कौन बन गए हैं?
पुणे के वैज्ञानिक डॉ. हिमांशु कुलकर्णी अंतर्राष्ट्रीय जल पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय बन गए है.

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