Major Abhilasha Barak UN Award: भारतीय सेना और पूरे देश के लिए एक बेहद गौरवशाली और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा मिशन (UNIFIL) में तैनात भारतीय सेना की महिला अधिकारी मेजर अभिलाषा बराक (Major Abhilasha Barak) को साल 2025 के प्रतिष्ठित ‘संयुक्त राष्ट्र सैन्य लैंगिक समानता समर्थक पुरस्कार’ (UN Military Gender Advocate of the Year Award) के लिए चुना गया है। वह यह वैश्विक सम्मान हासिल करने वाली भारतीय सेना की एक बेहद होनहार और जांबाज अधिकारी हैं।
मेजर अभिलाषा बराक को यह पुरस्कार संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में लैंगिक समानता और समावेशिता (Gender Equality and Inclusivity) को बढ़ावा देने में उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट और अनुकरणीय योगदान के लिए दिया जा रहा है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि यह पुरस्कार क्या है, मेजर अभिलाषा बराक की सैन्य उपलब्धियां क्या हैं और आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इससे कौन-कौन से महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
🎖️ क्या है संयुक्त राष्ट्र सैन्य लैंगिक समानता समर्थक पुरस्कार?
यह पुरस्कार संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा साल 2016 में शुरू किया गया था। यह सम्मान किसी ऐसे सैन्य शांतिरक्षक (Military Peacekeeper) को दिया जाता है जिसने संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों के सिद्धांतों के तहत लैंगिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने और शांति बहाली के प्रयासों में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने के लिए सबसे बेहतरीन काम किया हो।
- मेजर अभिलाषा बराक का योगदान: मेजर अभिलाषा वर्तमान में लेबनान में UNIFIL (United Nations Interim Force in Lebanon) मिशन के तहत तैनात हैं। उन्होंने संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय महिलाओं की सुरक्षा, उनके अधिकारों और सेना के भीतर महिला शांतिरक्षकों की भूमिका को सशक्त बनाने के लिए कूटनीतिक और रणनीतिक स्तर पर शानदार काम किया है।
📊 पुरस्कार का गौरवशाली इतिहास (Previous Indian Winners):
भारत के लिए यह कोई पहला मौका नहीं है, बल्कि भारतीय सेना की बेटियाँ वैश्विक मंच पर लगातार यह परचम लहराती आ रही हैं। मेजर अभिलाषा बराक से पहले भी दो जांबाज भारतीय महिला अधिकारियों को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया चुका है, जिन्हें परीक्षाओं के लिहाज से याद रखना बेहद ज़रूरी है:
- मेजर सुमन गवानी (Major Suman Gawani – 2019): इन्हें साल 2019 में दक्षिण सूडान (UNMISS) में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए यह पुरस्कार मिला था। यह सम्मान पाने वाली वे पहली भारतीय शांतिरक्षक थीं।
- मेजर राधिका सेन (Major Radhika Sen – 2023): इन्हें साल 2023 में लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (MONUSCO) में शांति मिशन के दौरान बेहतरीन नेतृत्व और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए इस वैश्विक सम्मान से नवाजा गया था।
✈️ मेजर अभिलाषा बराक का रिकॉर्ड (First Woman Combat Aviator)
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को यह जानना बेहद ज़रूरी है कि मेजर अभिलाषा बराक के नाम पहले से ही भारतीय सेना में एक बहुत बड़ा ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज है:
- देश की पहली महिला कॉम्बैट एविएटर: साल 2022 में मेजर अभिलाषा बराक ने आर्मी एविएशन कॉर्प्स में शामिल होकर भारतीय सेना की पहली महिला कॉम्बैट एविएटर (Combat Aviator / लड़ाकू विमान चालक) बनने का गौरव हासिल किया था।
- हरियाणा से जुड़ाव: मेजर अभिलाषा मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली हैं और उनके पिता भी भारतीय सेना में कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। देशभक्ति और कड़े संघर्ष की बदौलत उन्होंने पहले देश में और अब वैश्विक मंच पर भारत का तिरंगा बुलंद किया है।
📊 परीक्षा के दृष्टिकोण से मुख्य बिंदु (Exam Key Points):
आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए छात्र इन बिंदुओं को विशेष रूप से नोट कर लें:
- नाम: मेजर अभिलाषा बराक (Major Abhilasha Barak)
- पुरस्कार का नाम: संयुक्त राष्ट्र सैन्य लैंगिक समानता समर्थक पुरस्कार 2025 (UN Military Gender Advocate of the Year Award)
- किस मिशन में तैनात हैं: UNIFIL (यूनाइटेड नेशंस इंटरिम फोर्स इन लेबनान)
- पिछला रिकॉर्ड: साल 2022 में भारतीय सेना की पहली महिला कॉम्बैट एविएटर बनी थीं।
- पूर्व भारतीय विजेता: मेजर सुमन गवानी (2019) और मेजर राधिका सेन (2023)।
📝 Live Exam Quiz (स्वयं को जांचें):
प्रश्न: वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित ‘संयुक्त राष्ट्र सैन्य लैंगिक समानता समर्थक पुरस्कार’ (UN Military Gender Advocate of the Year Award) के लिए लेबनान में तैनात किस भारतीय सेना की महिला अधिकारी को चुना गया है?
(A) कैप्टन शिवा चौहान
(B) मेजर अभिलाषा बराक
(C) विंग कमांडर दीपिका मिश्रा
(D) लेफ्टिनेंट भावना कंठ
सही उत्तर: (B) मेजर अभिलाषा बराक
[व्याख्या: भारतीय सेना की पहली महिला कॉम्बैट एविएटर मेजर अभिलाषा बराक को लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन (UNIFIL) के दौरान लैंगिक मुख्यधारा को बढ़ावा देने में उनके बेहतरीन प्रयासों के लिए साल 2025 के संयुक्त राष्ट्र सैन्य लैंगिक समानता समर्थक पुरस्कार के लिए चुना गया है। इनसे पहले मेजर सुमन गवानी (2019) और मेजर राधिका सेन (2023) को यह पुरस्कार मिल चुका है।]
👉 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों, राष्ट्रीय घटनाओं और आगामी सरकारी परीक्षाओं की सबसे तेज़ व सटीक तैयारी के लिए हमारे एंड्रॉइड ऐप को प्ले स्टोर से तुरंत डाउनलोड करें और हमारे YouTube चैनल EduJosh को विजिट करें।

Tauseef Khan is the Founder of EduJosh. With 10 years of experience in competitive exam guidance, he specializes in daily current affairs analysis and government job updates. He is dedicated to providing students with accurate, timely, and deeply researched educational content, helping thousands of aspirants crack their dream careers.